लुधियाना, जितेन्द्र सिंह : एक तरफ जहाँ पंजाब सरकार और जल संसाधन विभाग गिरते भूजल स्तर को देखते हुए पूरे प्रदेश में सबमर्सिबल लगाने पर कड़े प्रतिबंध लगा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ औद्योगिक शहर लुधियाना में नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। खबर है कि नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से शहर के विभिन्न इलाकों में अवैध रूप से सबमर्सिबल लगाए जा रहे हैं। वही लुधियाना के वार्ड 25 में भी अवैध रूप से सबमर्सिबल लगाए जा रहे हैं।
मोटी रकम का खेल
सूत्रों के मुताबिक, मोटी रकम लेकर सबमर्सिबल लगाने का काम किया जा रहा है। जिन इलाकों में सरकारी पानी की पाइपलाइन मौजूद है और सबमर्सिबल की अनुमति नहीं है, वहां भी नगर निगम के गलियारों में सेटिंग कर बोरवेल करवाए जा रहे हैं। सबमर्सिबल करने वाले ठेकेदार धड़ल्ले से इलाके में सबमर्सिबल लगा रहे है किसी निगम अधिकारी का ध्यान नहीं आता।
ग्राउंड वाटर पर संकट
लुधियाना पहले ही ‘डार्क जोन’ की श्रेणी में आता है, जहाँ जल स्तर खतरनाक हद तक नीचे जा चुका है। जानकारों का कहना है कि अवैध सबमर्सिबल की वजह से न केवल जलस्तर और नीचे जा रहा है, बल्कि शहर के भविष्य के लिए भी यह एक गंभीर खतरा पैदा कर रहा है।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
लोगों का आरोप है कि नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी सब जानते हुए भी अनजान बने हुए हैं। जनता के टैक्स के पैसे से चलने वाले विभाग की इस कथित मिलीभगत ने शहर में जल संकट को और अधिक गहरा बना दिया है।
क्या अब प्रशासन इस अवैध ‘वाटर माफिया’ के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई करेगा, या फिर ऐसे ही लुधियाना को रेगिस्तान की ओर धकेला जाता रहेगा? यह बड़ा सवाल बना हुआ है।

