लुधियाना, मनोज दुबे : ढंडारी खुर्द के न्यू दुर्गा कॉलोनी इलाके में हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं। पिछले कई दिनों से कुछ शरारती तत्वों की गुंडागर्दी से परेशान लोगों का गुस्सा शुक्रवार को फूट पड़ा। महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने मिलकर इलाके में प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि पुलिस को कई बार सूचित करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।
प्रदर्शन कर रही महिलाओं का कहना था कि “हर शाम को इलाके के कुछ बिगड़ैल युवक सड़कों पर खड़े होकर महिलाओं और लड़कियों पर फब्तियां कसते हैं। कभी शराब पीकर हुड़दंग मचाते हैं, कभी बाइक पर स्टंट करते हैं। पुलिस को बार-बार बताया लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया।”
हमारी बेटी को स्कूल छोड़ना पड़ा”
शुक्रवार को उस वक्त स्थिति और गंभीर हो गई जब एक मजदूर दंपती, जो फैक्ट्री में काम करता है, शाम को घर लौटे तो उनकी 17 वर्षीय बेटी डरी-सहमी हालत में मिली। माता-पिता ने बताया कि “इलाके में रहने वाला एक युवक पिछले कई दिनों से हमारी बेटी को परेशान कर रहा है। वह रास्ता रोकता है, बात करने की जबरदस्ती करता है और धमकी भी देता है।”
बच्ची की मां ने बताया, “हमारी बेटी पढ़ने में होशियार है और हमेशा किताबों में ही ध्यान लगाती है, मगर अब उसे स्कूल जाने में डर लगने लगा है। हमने उसे घर में बंद कर दिया है। आखिर कब तक?”
पुलिस पर गंभीर आरोप: “कोई कार्रवाई नहीं
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि उन्होंने इस मामले की सूचना न्यू दुर्गा कॉलोनी चौकी व ढंडारी थाना पुलिस को दी है, मगर अब तक आरोपी युवक को न तो पूछताछ के लिए उठाया गया और न ही कोई केस दर्ज हुआ। एक बुजुर्ग प्रदर्शनकारी ने कहा, “पुलिस तो तभी दौड़ती है जब सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो। आम आदमी की शिकायत पर उनकी आंखें बंद रहती हैं।”
मोहल्ला मीटिंग की मांग, निगरानी समिति गठित करने की अपील
प्रदर्शनकारियों ने इलाके में पुलिस गश्त बढ़ाने, लड़कियों के स्कूल- के रास्ते पर सीसीटीवी लगाने और एक मोहल्ला निगरानी समिति गठित करने की मांग की। साथ ही यह भी चेताया कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो थाने का घेराव किया जाएगा।वही इलाका निवासी अनुज कुमार, सूरज कुमार, कमर पाल, मदन सिंह, पीड़ित युवती की मम्मी रंजू देवी, सोनी देवी, नीलम देवी, रूबी देवी, सोनी देवी, सुमन देवी, नीलम देवी, आदि ने आरोप लगाया कि न्यू दुर्गा कॉलोनी में यह अकेला मामला नहीं है। लगातार बढ़ती छेड़छाड़ और असामाजिक तत्वों की सक्रियता से इलाके में डर और गुस्सा दोनों फैला हुआ है। लोगों को पुलिस से उम्मीद है कि वह सिर्फ वर्दी न दिखाए, बल्कि हिम्मत और न्याय का चेहरा भी बने।

