पंजाब, शशिकांत मिश्रा: राज्य में बाढ़ के बिगड़ते हालात से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी चिंतित हैं। यही कारण है कि विदेश से नई दिल्ली लौटते ही उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से फोन पर बातचीत कर राज्य में बाढ़ के हालात की जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों को हर संभव मदद देने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री के फोन से पहले गृह मंत्री अमित शाह ने भी मुख्यमंत्री और राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से फोन पर बात कर वहां के हालात की जानकारी ली थी। उधर, राज्य में स्थित भाखड़ा, पौंग और रणजीत सागर बांध के लगातार बढ़ते जलस्तर के चलते बीबीएमबी के अलावा अब सेना ने भी इन पर नजर रखनी शुरू कर दी है। भारतीय सेना की पश्चिमी कमान के अधिकारियों ने यह जानकारी सोमवार को पंचकूला स्थित चंडीमंदिर मुख्यालय में दी।
इसी बीच तीनों बांधों से छोड़े जा रहे पानी के कारण पहले जहां रावी और ब्यास दरिया ही राज्य के आठ जिलों में तबाही मचा रहे थे, वहीं अब राज्य से गुजरते सतलुज दरिया भी उफान पर पहुंच गया है। लुधियाना ने सतलुज का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया है। इससे सतलुज दरिया के किनारों में स्थित जिलों रूपननगर, नवांशहर, लुधियाना और जालंधर में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। जालंधर में पहली बार चिट्टी बेईं से पानी ग्रामीण इलाकों में प्रवेश करने लगा है। इसी तरह घग्गर दरिया का भी जलस्तर बढ़ने से पटियाला, संगरूर जिलों के लोग भी बाढ़ के खतरे से दहशत में हैं।

