लुधियाना, मनोज दुबे: पंजाब सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के नेतृत्व में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने बाढ़ प्रभावित जिलों में लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के लिए व्यापक कार्रवाई शुरू की है। सिविल सर्जन डॉ. रमनीप कौर ने आज लुधियाना के सिविल अस्पताल से एंबुलेंसोंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह कदम बाढ़ प्रभावित लोगों तक तेजी से स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने के लिए पंजाब सरकार की मज़बूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है। विभाग की ओर से कुल 818 मेडिकल टीमें — 458 रैपिड रिस्पॉन्स टीमें और 360 मोबाइल मेडिकल टीमें — बाढ़ प्रभावित गाँवों में तैनात की गई हैं। अब तक 962 मेडिकल कैंप आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें 31,876 मरीजों का इलाज किया गया है। इन कैंपों में दस्त, गैस्ट्रोएंटेराइटिस, शुगर, ब्लड प्रेशर, त्वचा और आंखों के संक्रमण, कुत्ते के काटने और अन्य बीमारियों का इलाज किया जा रहा है। गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच भी की जा रही है। सभी जिलों में बाढ़ के लिए पहले से चयनित 66 दवाएँ और 21 उपभोग्य सामग्रियाँ पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं और अन्य दवाओं की खरीद के लिए अलग फंड भी जारी किए गए हैं।
मोबाइल मेडिकल टीमें घर-घर जाकर मरीजों का इलाज कर रही हैं। कुल 11,103 आशा वर्कर लोगों को जलजनित और मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों के प्रति जागरूक कर रही हैं, बुखार के मरीजों को जांच के लिए प्रेरित कर रही हैं और गर्भवती महिलाओं की प्राथमिकता के आधार पर निगरानी कर रही हैं। नियमित टीकाकरण भी प्रभावित क्षेत्रों में जारी है। बीमारियों की रोकथाम के लिए घर-घर क्लोरीन टैबलेट और पैलेट वितरित किए जा रहे हैं तथा लोगों से साफ़ या उबला हुआ पानी पीने की अपील की जा रही है। बड़े पैमाने पर फॉगिंग और छिड़काव अभियान चलाए जा रहे हैं। रोज़ाना मामलों की निगरानी की जा रही है ताकि समय रहते बीमारियों को फैलने से रोका जा सके। बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए विभाग ने 170 एंबुलेंसें तैनात की हैं जबकि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, नर्सिंग कॉलेजों और एनजीओ द्वारा अतिरिक्त 254 एंबुलेंसें उपलब्ध करवाई गई हैं। इस तरह कुल 424 एंबुलेंसें चौबीसों घंटे प्रभावित इलाकों में कार्यरत हैं। गुरदासपुर में दो नाव एंबुलेंसें दूर-दराज़ गाँवों तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचा रही हैं, जबकि एक हेलीकॉप्टर गंभीर मरीजों और गर्भवती महिलाओं को बचाने के लिए तैनात है। अब तक पाँच गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित रूप से निकाला गया है और सरकारी अस्पतालों में इलाज उपलब्ध कराया गया है।
मानव संसाधन को मज़बूत करने के लिए 322 मेडिकल अधिकारियों को नियुक्ति पत्र जारी किए गए हैं, जिनमें से 138 सबसे प्रभावित 7 जिलों में विशेष रूप से तैनात किए गए हैं। ये अधिकारी मेडिकल कैंपों, मोबाइल टीमों और एंबुलेंस सेवाओं का नेतृत्व कर रहे हैं। आईएमए पंजाब, नर्सिंग कॉलेज, निजी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज भी राहत कार्यों में सहयोग दे रहे हैं। पंजाब केमिस्ट एसोसिएशन द्वारा प्राथमिक चिकित्सा किटें तैयार कर प्रभावित क्षेत्रों में भेजी जा रही हैं। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. रमनीप कौर ने कहा, “सभी जिले चौबीसों घंटे लगातार लोगों को स्वास्थ्य सेवाएँ और रोकथाम संबंधी सुविधाएँ मुहैया कराने में जुटे हुए हैं। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के मार्गदर्शन में पंजाब सरकार लोगों की जान बचाने और समय पर इलाज सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”

