अमृतसर, अभिषेक सिन्हा : आईएएस साक्षी साहनी: पंजाब के 12 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। इनमें अमृतसर, गुरदासपुर, मोगा, पठानकोट, तरनतारन, चोपड़ापुर, ग्लूकोजपुर, पटियाला, मोहाली, कपूरथला, जालंधर और लुधियाना शामिल हैं। जालंधर के लिए भी विकल्प जारी किया गया है। फिलौर में सतलुज का डूबा हुआ पानी श्री शनि मंदिर में 2 फीट तक पानी घुसा हुआ है। अधिकारी सतलुज दरिया के पास मौजूद हैं। भाखड़ा का कंकाल भी खतरे के निशान से मात्र 3 फीट नीचे रह गया है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पंजाब में अब तक 1312 गांव प्रभावित हो चुके हैं। उधर, सोमवार रात से मंगलवार को दिन भर में हुए घटनाक्रमों में अमृतसर में करीब 100 साल पुरानी इमारत ढह गई, जिसका सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। अमृतसर के गांव सठियाला में मकान की छत गिरने से 12 साल की लड़की की मौत हो गई, जबकि अन्य परिवार वाले घायल हो गए। पंजाब का अमृतसर जिले के लोग बाढ़ से जूझ रहे हैं। चल रहे राहत कार्य की जमीनी हालत देखने जिले की पहली महिला डिप्टी कमिश्नर IAS साक्षी पहुंचीं। इस दौरान उनके साथ कुछ ऐसा हुआ, जिसकी उम्मीद उन्होंने खुद नहीं की होगी। डीसी साक्षी साहनी का आगे बढ़कर मदद करना स्थानीय लोगों के जख्म पर मलहम की तरह था।
पिता IRS अधिकारी,मां स्कूल प्रिंसिपल
कुछ महिलाओं ने तो उन्हें गले लगा लिया और दूसरे बुर्जुगों ने आशीर्वाद दिया। अमृतसर की डीसी साक्षी साहनी 2014 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने यूपीएससी 2013 में 6वीं रैंक हासिल की थी। पंजाब की ही रहने वाली साक्षी एक सरकारी अधिकारियों वाले परिवार से आती हैं।
डीसी साक्षी साहनी कौन हैं?
अमृतसर की डिप्टी कमिश्नर साक्षी साहनी का बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सराहनीय योगदान। निस्वार्थ सेवा, साहस और दृढ़ नेतृत्व के साथ वे पीड़ितों के लिए दिन-रात काम कर रही हैं। भोजन, पानी, दवाइयों की व्यवस्था से लेकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने तक, उनका हर कदम प्रेरणादायी है। साक्षी साहनी के पिता एक सेवानिवृत्त राजस्व सेवा अधिकारी आई आर एस हैं। जबकि, मां स्कूल प्रिंसिपल हैं। इसके अलावा उनकी बहन बैंकिंग सेक्टर में जॉब करती हैं। इस तरह बचपन से ही उन्हें सरकारी सेवा में जाने का माहौल मिला। साक्षी साहनी ने एक निजी स्कूल से पढ़ाई के बाद हैदाबाद स्थित नालसार यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ से बीए एलएलबी की डिग्री हासिल की। जहां उन्होंने आठ गोल्ड मेडल के साथ टॉप किया।

